रोहतक: रुड़की गांव की बेटी और भारतीय महिला मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने जापान में चल रहे एशियन गेम्स में 65 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में गोल्ड मेडल हासिल किया है. इस जीत के बाद रुड़की गांव सहित उनके परिवार में खुशी का माहौल है. मां नीलम हुड्डा ने बताया कि जापान रवाना होने से पहले परवीन ने परिजनों को भरोसा दिलाया था कि वह पदक जीतकर लौटेगी. अब उसने गोल्ड मेडल जीतकर अपना वादा पूरा कर दिया है.
बेटी ने जीता गोल्ड, परिवार में खुशी का माहौल: परवीन की इस उपलब्धि पर पूरे गांव में खुशी की लहर है. पिता लखपत हुड्डा ने कहा कि “परवीन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेहनत और प्रतिभा का परिचय दिया है. कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक से चूकने के बाद अब एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए उसने उस कमी को पूरा कर दिया है. हमें अपनी बेटी की मेहनत और हौसले पर पूरा विश्वास था. बेटी ने हमारा सपना पूरा किया है.”
ITBP में सहायक उप निरीक्षक हैं परवीन हुड्डा: लखपत हुड्डा ने कहा कि रूड़की गांव लौटने पर उसका भव्य स्वागत किया जाएगा. बॉक्सर परवीन हुड्डा वर्तमान में भारत तिब्बत सीमा पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं. शुरूआती दिनों में आर्थिक तंगी व संसाधनों के अभाव के बावजूद गांव में बनी अकादमी में मैरी कॉम व चिजेंद्र सिंह प्रेरित होकर बॉक्सिंग का सफर शुरू किया था और अब एशियन गेम्स में परचम लहरा दिया.
बॉक्सर परवीन हुड्डा की उपलब्धियां: इससे पहले परवीन हुड्डा ने वर्ष 2025 में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप गोल्ड मेडल, वर्ष 2022 में एशियाई चैंपियनशिप 2022 में गोल्ड मेडल और वर्ष 2022 में ही विश्व चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीता था. परवीन हुड्डा वर्ष 2019 में नेपाल में हुए साउथ एशियन गेम में गोल्ड मेडल, खेलो इंडिया में गोल्ड मेडल, वर्ष 2019 में जर्मनी में हुई वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल हासिल किया था.


