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Sunday, August 30, 2026

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अब न दंगा, न कर्फ्यू, न गुंडागर्दी—यूपी में अब सब चंगा: सीएम योगी

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरिद्वार के भारत माता मंदिर, सप्त सरोवर रोड के पास सप्तऋषि आश्रम ग्राउंड में हो रहे संत सम्मेलन को संबोधित कहा कि यूपी अब एक पिछड़ा राज्य नहीं वरन देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन गया है। उन्होंने यूपी की बेहतर कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि कहा कि उत्तर प्रदेश अब दंगों और कर्फ्यू से मुक्त होकर तेजी से विकास कर रहा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बद्री विशाल का बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, ये राष्ट्र चेतना के भी केंद्र हैं। राष्ट्र यहां से शक्ति प्राप्त करता है।

बद्रीनाथ और केदारनाथ सिर्फ आध्यात्मिक केंद्र नहीं

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम सिर्फ आध्यात्मिक केंद्र नहीं हैं, वरन राष्ट्रीय चेतना के भी केंद्र बिंदु हैं। राष्ट्र को यहीं से शक्ति मिलती है। हमने इन केंद्र बिंदुओं को सम्मान के साथ आगे बढ़ाया है। हमने इसकी विरासत का सम्मान किया है। उसकी रक्षा की है। यह इसका नतीजा है कि एक समय बीमारू राज्य रहा उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था में एक बड़ी सफलता बन रहा है। प्रगति के नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

न कफ्यू, ना दंगा यूपी में अब सब चंगा…

अब उत्तर प्रदेश में अराजकता नहीं है। अब दंगे फसाद नहीं हैं। गुंडागर्दी नहीं हैं। यानी न कफ्यू, ना दंगा यूपी में अब सब चंगा…

देश में व्यापक परिवर्तन

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज मेरा सौभाग्य है कि मुझे उत्तराखंड में यहां पर भागीदार बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान देश के अंदर हम लोगों ने व्यापक परिवर्तन देखा है। यह निर्माण की वह गाथा है जिसका सैकड़ो वर्षों से इंतजार था। भारत केवल जमीन का एक टुकड़ा भर नहीं है। यह ऋषि परंपरा की शाश्वत चेतना का भी केंद्र है। यहां संस्कृति केवल आस्था नहीं, एक पूरा जीवन दर्शन है।

भारत किसी एक सत्ता की देन नहीं

इस वजह से ही मैं कहता हूं कि भारत केवल एक तिथि में नहीं बना है। भारत किसी एक सत्ता की देन नहीं है। सनातन चेतना ही इसका स्वाभाविक प्रवाह है। इसी चेतना का परिणाम हमे सुप्रीम कोर्ट पर ध्येय वाक्य के तौर पर मिलता है कि यतो धर्म: ततो जय: यानी जहां धर्म है वहीं विजय है। भारत का उच्चतम न्यायालय भी इस मंत्र को अंगीकार करता है। धर्म कभी कमजोर नहीं होता है, उसे जानबूझ कर कमजोर किया जाता है।

वैदिक भारत एक आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक

योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि जो भी राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह ना तो वर्तमान को सुरक्षित रख पाता है और ना ही भविष्य को संजो पाता है। वैदिक भारत एक आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक है। आक्रांताओं के आने से पहले भारत केवल एक भूभाग नहीं था। वह एक पूर्ण विकसित सभ्यता और संस्कृति थी। यह राष्ट्र हमारे ऋषियों की तपस्या, किसानों के श्रम से और कारीगरों की श्रृजनशीलता के साथ खड़ा हुआ था।

यहां सभी संत सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक

इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आध्यात्मिक गुरु स्वामी अवधेशानंद गिरि, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी हिस्सा लिया। इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि यहां मौजूद सभी संत, आध्यात्मिक नेता और भक्त सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक हैं और गंगा के पवित्र तट पर पवित्र सप्तऋषि क्षेत्र में जमा होकर राष्ट्र और संस्कृति में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। जिन महान हस्तियों ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रीय कर्तव्य, सेवा, त्याग और करुणा के लिए समर्पित कर दिया वे सिर्फ तपस्वी नहीं वरन राष्ट्रीय चेतना से जुड़े दिव्य संत थे।

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