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फा. एग्नेल स्कूल के स्थापना दिवस पर इंटरफेथ ईस्टर मिलन का आयोजन

ग्रेटर नोएडा। एकता, सद्भाव और साझा आध्यात्मिक मूल्यों का सशक्त संदेश देते हुए भारतीय सर्व धर्म संसद द्वारा फा.एग्नेल स्कूल, ग्रेटर नोएडा के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर सतरंग ऑडिटोरियम में इंटरफेथ ईस्टर मिलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के प्रमुख संत, धार्मिक गुरु और सामाजिक प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्र हुए, जिन्होंने शांति, संवाद और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आगरा के आर्चबिशप मोस्ट रेव. डॉ. रैफी मंझाली उपस्थित रहे। उनके साथ स्वामी सुशीलजी महाराज, डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी (मुख्य इमाम, भारत), दिल्ली के आर्चबिशप मोस्ट रेव. अनिल जोसेफ थॉमस कुटो, आचार्य विवेक मुनि, ब्रह्मऋषि डॉ. मोहनजी, परमजीत सिंह चंडोक, हाजी सैयद सलमान चिश्ती, आचार्य याशी, वीर सिंह हितकारी, सुनील पांडेय, योग भूषण जी महाराज, सुजीत सिंह आजाद, रब्बी एज़ेकियल मालेकर, फादर बेंटो रोड्रिग्स, कमलेश भाई शास्त्री, नीलाक्षी, डॉ. मनींदर जैन, डॉ. अजय जैन, डॉ. नॉरबर्ट SVD, मौलाना शाहीन क़ासमी, फादर सेबेस्टियन, रेव. फादर एंड्रयू और नरिमा ज़ायवाला सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और स्मृति-चिन्ह भेंट करने के साथ हुई। इसके बाद मनमोहक प्रार्थना नृत्य ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और शांतिपूर्ण बना दिया।

वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और संघर्षों के बीच आयोजित इस इंटरफेथ मिलन में सभी धर्मगुरुओं ने प्रेरणादायक विचार साझा किए। स्वामी सुशीलजी महाराज ने “हम सब एक हैं” का संदेश देते हुए भारतीय सर्व धर्म संसद की एकता स्थापित करने में भूमिका पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि मोस्ट रेव. डॉ. रैफी मंझाली ने ईस्टर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे जीवन की मृत्यु पर और प्रकाश की अंधकार पर विजय का प्रतीक बताया। उन्होंने विद्यालय द्वारा इस तरह के आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों में सही मूल्यों के विकास पर जोर दिया।

आचार्य विवेक मुनि ने अपने संबोधन में सभी धर्मों के सम्मान की आवश्यकता पर बल दिया और छात्रों को आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर शांति और सद्भाव के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी। वहीं ब्रह्मऋषि डॉ. मोहनजी ने भारत की समावेशी संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत विश्व में “विविधता में एकता” का अद्भुत उदाहरण है और सभी धर्मों के प्रति सम्मान जरूरी है।

इस अवसर पर विद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘Agnel Lights’ का विमोचन भी किया गया। साथ ही एक प्रभावशाली माइम प्रस्तुति ने सामाजिक एकता का संदेश दिया, जबकि शास्त्रीय नृत्य और संगीत ने कार्यक्रम को और भी समृद्ध बनाया।

कार्यक्रम का समापन एकता, प्रेम और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के संदेश के साथ हुआ, जिसने सभी उपस्थित लोगों को गहराई से प्रेरित किया।

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