बेंगलुरु : कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी नागेंद्र ने अपने पद से शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया. कर्नाटक राज्य महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विपक्षी पार्टियों के विरोध के बाद, बी. नागेंद्र ने योजना और सांख्यिकी मंत्री के पद से इस्तीफे की घोषणा की.
नागेंद्र ने विधान सभा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे की घोषणा की. उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं अपनी मर्जी से मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं.’’ नागेंद्र ने बताया कि उन्होंने शिवकुमार को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. विपक्षी दल भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) नागेंद्र की मंत्रिमंडल में वापसी का विरोध कर रहे थे. इसी मुद्दे पर दो साल पहले भी उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था.
नागेंद्र ने आरोप लगाया, ‘‘मनुवादियों (भाजपा की ओर इशारा करते हुए) ने मुझे निशाना बनाया क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि देश में कोई आदिवासी व्यक्ति तरक्की करे.’’ नागेंद्र ने कहा कि वह विधायक पद से इस्तीफा देने और ‘‘जनता की अदालत’’ में जाने के लिए भी तैयार हैं.
साथ ही उन्होंने कहा कि वे (भाजपा) मुझे ईडी और सीबीआई से नहीं डरा सकते. बी. नागेंद्र ने कहा कि पार्टी को शर्मिंदगी का सामना न करना पड़े, इसलिए मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं.
सिद्धारमैया कैबिनेट से क्यों हटे थे बी. नागेंद्र?
वाल्मीकि कॉरपोरेशन से फंड को बिना मंजूरी के दूसरी जगह प्रयोग करने के आरोपों के चलते बी. नागेंद्र ने जून, 2024 में सिद्धारमैया के मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया था. उन्हें इस साल 3 अगस्त को दोबारा कैबिनेट में शामिल किया गया था और योजना और सांख्यिकी विभाग के मंत्री के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी.
डीके शिवकुमार ने त्यागपत्र की संभावना की बात नकारी थी
हालांकि, कर्नाटक के सीएम डी.के. शिवकुमार ने बीते बुधवार को स्पष्ट किया था कि मंत्री बी. नागेंद्र ने पार्टी के निर्देशों के बाद ही पहले भी अपना इस्तीफा दिया था. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीके शिवकुमार ने कहा था, “यह सब विपक्षी पार्टियों की करतूत है. बी. नागेंद्र ने हमारे कहने पर पहले भी इस्तीफा दे दिया था. अभी ऐसी कोई बात नहीं है.”
विपक्ष के नेता आर. अशोक ने की थी धरने की घोषणा
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बीते सोमवार को विधानसभा के भीतर अनिश्चितकालीन दिन-रात के धरने की घोषणा की थी और कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर बी. नागेंद्र को बचाने का आरोप लगाया था.


