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Sunday, August 30, 2026

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बीबीएमबी में हिमाचल के हिस्से को लेकर मुख्यमंत्री सुक्खू ने रखी मजबूत दलील

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में हिमाचल प्रदेश के वैधानिक अधिकारों की पुरजोर वकालत की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य को 7.19 प्रतिशत हिस्सा देने का आदेश दिया है, जिसे हासिल करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। शिमला में नॉर्दन जोनल काउंसिल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस विषय पर पंजाब और राजस्थान सरकारों के साथ बातचीत का दौर जारी है और जल्द ही हरियाणा सरकार से भी संवाद किया जाएगा।

उन्होंने हरियाणा सरकार से अपील की कि वह अदालत में शपथ पत्र (हलफनामा) दायर कर हिमाचल के हक का समर्थन करे, ताकि राज्य को उसका जायज अधिकार मिल सके।

साझा विकास योजना का आह्वान

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नॉर्दन जोनल काउंसिल की बैठक में साझा विकास योजना का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का लोक निर्माण विभाग अब केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में बांधों और अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने यह बात शनिवार को शिमला के पीटरहॉफ होटल में आयोजित नॉर्दर्न जोन काउंसिल की बैठक के दूसरे दिन हुए इंटर-स्टेट इंटरेक्टिव सत्र में कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई दुर्गम और दूरदराज क्षेत्रों में आज भी सड़क सुविधा नहीं पहुंच पाई है। ऐसे गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए राज्य सरकार एक विशेष नीति तैयार करेगी। इसके लिए आवश्यक बजटीय प्रावधान भी किए जाएंगे, ताकि विकास की मुख्यधारा से वंचित क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।

उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क केवल आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी गांव सड़क सुविधा से वंचित न रहे। इसके लिए विभागीय स्तर पर व्यापक योजना तैयार की जाएगी और जरूरत पड़ने पर विशेष परियोजनाएं भी शुरू की जाएंगी।

राज्यों को मिलकर समन्वित योजना तैयार करनी चाहिए : विक्रमादित्य

इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नॉर्दर्न जोन के सभी राज्यों को मिलकर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक व्यापक और समन्वित योजना तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्यों के सामने कई समान चुनौतियां हैं और साझा रणनीति से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

निर्माण कार्यों में होगा एआई का उपयोग

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग में आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाया जा रहा है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और गति बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़कों, पुलों और अन्य निर्माण परियोजनाओं में अत्याधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से लागत और समय दोनों में कमी आएगी, जबकि परियोजनाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभाग तकनीकी रूप से खुद को मजबूत बना रहा है और डिजिटल निगरानी प्रणाली को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे परियोजनाओं की प्रगति पर वास्तविक समय में नजर रखी जा सकेगी।

उद्योग मंत्री ने भी की चर्चा

शिमला के ऐतिहासिक पीटरहॉफ होटल में आयोजित इस इंटर-स्टेट इंटरेक्टिव सत्र में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में आधारभूत ढांचे के विकास, तकनीकी नवाचार और राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

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