टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को बुधवार (8 जुलाई) को उनके 54वें जन्मदिन पर एक शानदार तोहफा मिला जब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने उनको आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल करने का फैसला लिया.
आईसीसी ने ये फैसला स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबर्ग में बोर्ड की सालाना बैठक में लिया. इसके साथ दादा (सौरव गांगुली) आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले कुल 12वें भारतीय क्रिकेटर और 10वें मेंस भारतीय क्रिकेटर बन गए.
गांगुली ने प्रतिष्ठित ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किए जाने पर गहरा आभार व्यक्त किया. उन्होंने खेल के कुछ सबसे शानदार नामों के साथ इस सूची में शामिल होने को ‘बहुत बड़ा सम्मान’ बताया.
उन्होंने ने एक्स पर लिखा, ‘मुझे हॉल ऑफ फेम में शामिल करने के लिए आईसीसी और चेयरमैन जय शाह का धन्यवाद, यह बहुत बड़ा सम्मान है, हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले 10 भारतीयों में से एक बनना, कुछ महान नामों का हिस्सा बनना अद्भुत है.’
ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल भारतीय क्रिकेटर
- बिशन सिंह बेदी (2009)
- सुनील गावस्कर (2009)
- कपिल देव (2010)
- अनिल कुंबले (2015)
- राहुल द्रविड़ (2018)
- सचिन तेंदुलकर (2019)
- विनू मांकड़ (2021)
- डायना एडुलजी (2023)
- वीरेंद्र सहवाग (2023)
- नीतू डेविड (2024)
- एमएस धोनी (2025)
- सौरव गांगुली (2026)
सौरव गांगुली का क्रिकेट करियर
फिलहाल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के प्रमुख सौरव गांगुली ने नवंबर 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट खेलने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. उन्होंने 311 वनडे मैचों में 22 शतकों के साथ 11,363 रन बनाए और 132 विकेट भी लिए, साथ ही 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन बनाए. खेल से संन्यास लेने के बाद गांगुली क्रिकेट प्रशासन में आ गए और भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष बने. उन्होंने 23 अक्टूबर 2019 को पद संभाला और 18 अक्टूबर 2022 तक भारतीय क्रिकेट की कमान संभाली. वह SA20 में प्रिटोरिया कैपिटल्स के हेड कोच भी हैं, और इसके अलावा IPL और WPL में दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेट डायरेक्टर भी हैं.
गांगुली का सबसे बड़ा योगदान
भारतीय क्रिकेट में गांगुली का सबसे बड़ा योगदान 2000 से 2005 के बीच कप्तान के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान रहा जब उन्होंने मैच फिक्सिंग संकट के बाद टीम को फिर से खड़ा किया. उनकी कप्तानी में भारत ने 2002 नेटवेस्ट ट्रॉफी जीती, 2002 चैंपियंस ट्रॉफी में संयुक्त विजेता बना, 2003 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई और 2004 में पाकिस्तान में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती. इसके अलावा, उन्होंने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में अपने घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 के यादगार टेस्ट मैच में भी टीम को जीत दिलाई.
ICC हॉल ऑफ फेम क्या है ?
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) हॉल ऑफ फेम क्रिकेट के लंबे और शानदार इतिहास से खेल के दिग्गजों की उपलब्धियों का सम्मान करता है. इस विशेष क्लब को ICC ने 2 जनवरी, 2009 को दुबई में फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन (FICA) के सहयोग से लॉन्च किया था. यह पुरस्कार ICC के शताब्दी समारोह का हिस्सा है. इसकी घोषणा ICC वार्षिक पुरस्कारों में की जाती है.


