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हिमाचल ने केंद्र से वृद्धावस्था पेंशन में हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग की

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के तहत मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में केंद्र को लिखित प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बावजूद वर्षों से केंद्रीय सहायता राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे अतिरिक्त वित्तीय बोझ राज्य सरकार पर पड़ रहा है।

वर्तमान में केंद्र सरकार 60 से 79 वर्ष आयु वर्ग के पात्र गरीब बुजुर्गों को 200 रुपये तथा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को 500 रुपये प्रतिमाह देती है। यह राशि क्रमशः वर्ष 2007 और 2011 से लागू है और तब से इसमें कोई संशोधन नहीं हुआ है।

हिमाचल सरकार दे रही कितनी पेंशन

हिमाचल सरकार अपने संसाधनों से पात्र बुजुर्गों को 1100 से 1700 रुपये प्रतिमाह पेंशन दे रही है। प्रदेश के करीब 1.16 लाख गरीब बुजुर्ग केंद्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के दायरे में आते हैं। प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन त्रैमासिक आधार पर दी जाती है, यानी तीन माह की राशि एक साथ लाभार्थियों के खातों में भेजी जाती है।

केंद्र सरकार अपनी हिस्सेदारी सीधे लाभार्थियों को नहीं, बल्कि राज्य सरकार को जारी करती है। वर्तमान व्यवस्था में केंद्रीय अंश में वार्षिक वृद्धि या महंगाई सूचकांक से जुड़ा कोई स्वचालित प्रविधान नहीं है। राशि में बढ़ोतरी केंद्र सरकार के नीतिगत निर्णय और बजटीय प्रविधानों पर निर्भर करती है।

केंद्र से वृद्धावस्था पेंशन की राशि बढ़ाने का आग्रह किया गया है। केंद्र से 200 और 500 रुपये मिलते हैं, जबकि हिमाचल सरकार 1.16 लाख पात्र बुजुर्गों को 1100 से 1700 रुपये तक पेंशन उपलब्ध करा रही है।
-कर्नल धनीराम शांडिल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री।

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