लखनऊ/गाजियाबाद: देश के जाने-माने कोचिंग इंस्टीट्यूट FIITJEE लिमिटेड और उसके निदेशकों पर कानून का शिकंजा कस गया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल ऑफिस ने करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है.
ED ने कोचिंग के सर्वेसर्वा दिनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल को मुख्य आरोपी बनाया है. जांच एजेंसी ने अदालत से मांग की है कि आरोपियों को सख्त सजा दी जाए और उनकी 71.88 करोड़ रुपये की संपत्ति को हमेशा के लिए जब्त किया जाए.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और भोपाल में दर्ज चार पुलिस एफआईआर (FIR) के बाद शुरू हुआ. FIITJEE पर आरोप है कि उसने प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे JEE) की तैयारी के नाम पर प्रति छात्र 2.8 लाख से 3.5 लाख रुपये तक की भारी-भरकम फीस एडवांस में वसूली.
छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिया गया था कि कोर्स पूरा कराया जाएगा. लेकिन, फीस का पैसा आते ही उसे कोचिंग मैनेजमेंट ने दूसरी जगहों पर ट्रांसफर कर दिया. नतीजतन, शिक्षकों को सैलरी नहीं मिली और उन्होंने पढ़ाना छोड़ दिया.
14,411 छात्रों का भविष्य अधर में
जांच में सामने आया है कि FIITJEE ने मई 2024 से फरवरी 2025 के बीच अचानक अपने 32 कोचिंग सेंटर्स को बंद कर दिया. इससे 14,411 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया. हैरान करने वाली बात यह है कि संस्थान को पता था कि वे कोर्स पूरा नहीं करा पाएंगे, फिर भी वे मार्च 2029 तक के बैच के लिए नए छात्रों का एडमिशन करते रहे और एडवांस फीस बटोरते रहे. ED ने इस तरह इकट्ठा किए गए 85.79 करोड़ रुपये को ‘अपराध की कमाई’ माना है.
खुद की जेब भरते रहे निदेशक
एक तरफ जहां सेंटर्स बंद हो रहे थे और कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा था, वहीं दूसरी तरफ कंपनी के प्रमोटर्स खुद पर पैसों की बारिश कर रहे थे. वित्तीय वर्ष 2022-23 से अब तक दिनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल ने सैलरी के रूप में 24.92 करोड़ रुपये निकाले. दिनेश गोयल हर महीने करीब 56 लाख रुपये और मोनिला गोयल 25 लाख रुपये से ज्यादा की सैलरी ले रहे थे.
अब तक क्या हुई कार्रवाई?
• नोएडा पुलिस की चार्जशीट: नोएडा पुलिस ने भी करीब 300 पीड़ितों और गवाहों के बयानों और फीस की रसीदों के आधार पर इनके खिलाफ अलग से चार्जशीट दाखिल की है.
• करोड़ों की संपत्ति सीज: ED ने छापेमारी के दौरान 10 लाख रुपये कैश और 4.86 करोड़ रुपये के जेवरात जब्त किए थे. इसके अलावा 9 अक्टूबर 2026 को 66.92 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है.
मामले की अगली सुनवाई गाजियाबाद कोर्ट में होगी, जहां ED इन संपत्तियों को पूरी तरह जब्त करने की अनुमति मांगेगा.


