सोसाइटी निवासी गौरव बंसल ने की मुख्यमंत्री पोर्टल और X पर शिकायत, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
गाज़ियाबाद। जिले में लागू धारा 163 के बीच थाना सिहानी गेट क्षेत्र के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी की प्रस्तावित जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रशासन द्वारा 18 फरवरी से 27 मार्च तक बोर्ड परीक्षाओं व विभिन्न धार्मिक पर्वों के मद्देनज़र धारा 163 लागू की गई है।
बताया जा रहा है कि 22 फरवरी को RWA द्वारा GBM आयोजित की जानी है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस पर सोसायटी निवासी गौरव बंसल ने आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, जिला अधिकारी गाज़ियाबाद एवं कमिश्नर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से ट्वीट कर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
गौरव बंसल का कहना है कि जब जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावी है, तब इस प्रकार की बड़ी बैठक नियमों के विपरीत हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि धारा 163 के बावजूद मीटिंग आयोजित होती है, तो उसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित RWA एवं शासन-प्रशासन की होगी।
क्या है धारा 163?
यह एक प्रतिबंधात्मक आदेश है, जो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू किया जाता है।
एक स्थान पर 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहती है।
बिना प्रशासनिक अनुमति सभा, जुलूस या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकते।
आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। परमिशन कौन दे सकता है?
धारा 163 लागू होने की स्थिति में किसी भी सार्वजनिक सभा या बड़ी बैठक की अनुमति देने का अधिकार जिला प्रशासन के पास होता है। सामान्यतः:
जिलाधिकारी (DM)
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM)
या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट
विशेष परिस्थितियों में पुलिस प्रशासन की संस्तुति के बाद अनुमति प्रदान की जा सकती है। बिना लिखित अनुमति ऐसे आयोजन को नियमों के विरुद्ध माना जाता है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है और प्रस्तावित बैठक को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।


