वी पी एस खुराना
मथुरा जनपद बार एसोसिएशन में मतदाता के तौर पर मतदान करने वाले अधिवक्ताओं की संख्या तीन हजार से ऊपर है। इनमें से ज्यादातर जूनियर अधिवक्ताओं चेंबर पर जूनियरशिप करने वाले एलएलबी में अध्यनरत होते हैं। ये जूनियरशिप का कार्य करते हैं और कानून के दावपेच सीखने को प्रैक्टिस करते हैं। अब वर्तमान समय में कुछ ऐसे जूनियरशिप में आ गए हैं जो कि पूर्व से ही अवैधकार्यों में सनलिप्त हैं। अवैध कार्यों को संचालन करने वाले व्यक्ति ऐसे जूनियरशिप वालों के पास अक्सर बैठे दिखते हैं। जिसके कारण अधिवक्ता चैंबरों के पास अक्सर मारपीट देखने को मिल जाती हैं। कुछ हफ्ते पहले एक शराबी युवक को अधिवक्ताओं के द्वारा बहुत बुरी तरह से मारा पीटा गया था। सूत्रों की माने तो पांडू नामक डीग राजस्थान का था। वहीं अधिवक्ताओं से यह कहना है जांच पड़ताल कर जूनियरशिप के लिए रखें और मारपीट की घटना न हो वहीं व्हाइट शर्ट पहनकर कोई आना कोई अपराध नहीं। हां यदि किसी से वकील बनकर धन को ठगना या किसी अन्य में अदालत में अपने को अधिवक्ता का ड्रामा करना भारी पड़ेगा। ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।
ज्ञात रहे कि इसी तरह के प्रकरण में फर्जी अधिवक्ता बनकर लोगों को ठगने के प्रकरण में बजीरगंज थाना लखनऊ में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस प्रकार के प्रकरण जनपद में आए दिन दिखाई दे रहे हैं। इनके विरूद्ध क्रमबद्ध अभियान चलाया जाएगा। बहुत अधिवक्ता मानते हैं
कि जो अधिवक्ता है, वही अधिवक्ता बनकर न्यायालय में स्वयं अथवा अपने क्लाइंट के संबंध में बातचीत कर सकता है। अन्य व्यक्ति भी कर सकता है, बशर्तें वह स्वयं अपने को यूनीफार्म पहनकर अधिवक्ता न कहे। ऐसे लोगों के विरूद्ध एफआईआर हो सकती है।


