Mediasamvad24

32.2 C
Noida
Sunday, August 30, 2026

Buy now

spot_img

नेरी कलां में सीएम सुक्खू की बड़ी घोषणाएं, सड़क के लिए 20 करोड़ रुपये मंजूर

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के नेरी कलां में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए जोहड़जी-मल्ला सड़क के लिए 20 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में उपस्थित पांच ग्राम पंचायतों की पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि के तहत 1500 रुपये पेंशन प्रदान करने, प्राथा विद्यालय को सीबीएसई से संबद्ध करने, जोगिंद्रा सहकारी बैंक की शाखा खोलने तथा चाटी ढांक में बांध निर्माण के लिए सर्वेक्षण करवाने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के बाद उन्हें इस क्षेत्र में आने का अवसर मिला है। जिला परिषद सदस्य नेत्र अत्री के आग्रह पर वह क्षेत्र की समस्याओं को समझने और लोगों से संवाद करने के लिए यहां पहुंचे हैं। उन्होंने विधायक विनोद सुल्तानपुरी की सराहना करते हुए उन्हें जुझारू और युवा नेता बताया तथा कहा कि वे क्षेत्र की समस्याओं हल करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। किशाऊ बांध परियोजना के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के साथ हुई बैठक में प्रदेश के हितों को मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तीन वर्षों तक पुरानी शर्तों को स्वीकार नहीं किया और अब हिमाचल प्रदेश को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के 211 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी, जिससे प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये का लाभ होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की मनरेगा के स्थान पर प्रस्तावित नई व्यवस्था हिमाचल प्रदेश के हित में नहीं है तथा इससे प्रदेश के लाखों श्रमिक प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा की मूल भावना को समाप्त किया, आरडीजी को बंद कर दिया और फौज में नियमित भर्ती भी बंद कर दी, जिससे लोगों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। अगर हिमाचल प्रदेश की आरडीजी का 10 हजार करोड़ नहीं काटा होता, तो प्रदेश इसी वर्ष आत्मनिर्भर बन जाता। लेकिन हम दृढ़ संकल्प के साथ हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित हल्दी के लिए 150 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा गाय का दूध 61 रुपये तथा भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की 50 रुपये तथा गेहूं 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदी जा रही है। किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत महिला मंडलों और युवक मंडलों को पौधरोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वन विभाग पौधे उपलब्ध करवा रहा है तथा पौधों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है।

सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा देकर देश का पहला ऐसा कानून बनाया है। 27 वर्ष की आयु तक उनकी शिक्षा, आवास, पालन-पोषण तथा अन्य आवश्यकताओं का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। इसके अतिरिक्त, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के माध्यम से विधवा एवं एकल महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी सरकार उठा रही है। डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। यूको बैंक तथा हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक इस योजना के नोडल बैंक हैं। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर गिरा और हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर पहुंच गया था। वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने चुनावी लाभ के लिए लगभग 600 नए संस्थान खोल दिए थे, जबकि उनमें पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं करवाया गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पहले शिक्षकों की भर्ती सुनिश्चित की और अब तक लगभग 7000 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। प्रदेश में 150 सीबीएसई स्कूल शुरू किए गए हैं, जिनमें अंग्रेजी और गणित के शिक्षक तैनात किये चुके हैं। जुलाई माह तक और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी, जिससे इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हिमाचल के स्वास्थ्य संस्थानों में वही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों, जो देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में थ्री टेस्ला एमआरआई और अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित की जा रही हैं। चमियाना, आईजीएमसी शिमला, नेरचौक मेडिकल कॉलेज और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हो चुकी है और लगभग 200 मरीज इसका लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगले दो महीनों के भीतर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ऑटोमेटेड लैब स्थापित कर दी जाएंगी। इसके साथ ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रतिष्ठित दवा कंपनियों की गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनता के हितों के लिए कार्य कर रही है और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles