फतेहपुर: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के उद्देश्य से की गई बायोमेट्रिक हाजिरी की घोषणा अब भी ज़मीनी हकीकत से कोसों दूर नज़र आ रही है. शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद जनपद फतेहपुर के जिला अस्पताल में अब तक बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है.
बिना बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं मिलेगी सैलरी: शासन के आदेश के अनुसार जिला चिकित्सालय, महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में कार्यरत डॉक्टरों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई थी. स्पष्ट किया गया था कि बिना बायोमेट्रिक हाजिरी के वेतन भुगतान नहीं होगा, जिससे लेटलतीफी, ड्यूटी से गायब रहने और फर्जी हाजिरी पर रोक लगाई जा सके.
सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए थे: स्वास्थ्य विभाग का दावा था कि इस व्यवस्था से डॉक्टरों व स्टाफ की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित होगी और मरीजों को समय पर सरकार की मंशा के अनुरूप बेहतर इलाज मिल सकेगा. वहीं 13 दिसंबर 2025 को महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, उत्तर प्रदेश रतनपाल सिंह द्वारा सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए थे. आदेश में 16 दिसंबर 2025 से सख्ती से लागू करने और शिथिलता बरतने वालों पर कार्रवाई की बात कही गई थी.
अनुमति मिलने पर लगेगी बायोमेट्रिक अटेंडेंस: इस संबंध में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर राजेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी जिला अस्पताल फतेहपुर मेडिकल कालेज के आधीन ही कार्य कर रहा है. बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू कराने का लेटर आया था, जिसे अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह मेडिकल कॉलेज, फतेहपुर के प्रधानाचार्य के पास अनुमति के लिए भेजा गया है जैसे ही अनुमति मिलती है, इसे लागू करा दिया जाएगा.
जल्द लगेगी बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन: जब अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह मेडिकल कॉलेज, फतेहपुर के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार मौर्य से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि शासन का आदेश प्राप्त हो चुका है. शीघ्र ही बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. तीमारदारों और मरीजों का कहना है कि जब तक उपस्थिति पर सख्ती नहीं होगी, तब तक सरकारी अस्पतालों में सुधार केवल कागज़ों तक ही सीमित रहेगा.


