न्याय की राह में कोई ढील नहीं आरोपी 8 माह से जेल में बंद है
वी पी एस खुराना
मथुरा जनपद के गोविंद नगर क्षेत्र के मायाटीला में हुए भयावह हादसे के आरोपी सुनील चैन की जमानत अर्जी मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी। यह वही मामला है जिसमें दो मासूम बच्चियों और एक युवक की जान चली गई थी, और आरोपी अब तक लगभग 8 माह से जेल में बंद है।
15 जून 2025 को गोविंद नगर थाना क्षेत्र की कच्ची सड़क पर अवैध मिट्टी खुदाई के दौरान टीले पर स्थित मकान ध्वस्त हो गया। मलबे में दबकर हेमंत उर्फ कान्हा के भाई तोताराम (35), पड़ोसी विनोद हलवाई की भतीजी की बेटी यशोदा (6) और काजल (4) की मौत हो गई। हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया और प्रशासन की नींद उड़ा दी।
घटना के बाद हेमंत ने सुनील चैन और उसके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को 18 जून 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) की कार्रवाई भी की।
एनएसए की पुष्टि के बाद आरोपी के अधिवक्ता ने जमानत याचिका वापस ले ली। मंगलवार को आरोपी ने फिर से जिला जज के समक्ष जमानत के लिए याचिका पेश की, लेकिन डीसीजी क्राइम ने इसका कड़ा विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों के बाद जमानत खारिज कर दी, यह साफ संदेश है कि प्रशासन और न्यायालय हादसे और लापरवाहियों को बख्शने को तैयार नहीं हैं।
माया टीला प्रकरण मथुरा जिला प्रशासन की सख्त और निर्भीक कार्रवाई का प्रतीक है। यह हादसा सिर्फ एक निर्माण दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और अवैध कार्यों के खिलाफ न्याय की विजय का प्रतीक भी बन गया है।


