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Sunday, August 30, 2026

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फूड कंपनियों की चालबाजी पर सरकार की लगाम! खाद्य तेल के लिए 9 साइज तय, 850g-910g वाले पैकेट बंद

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने खाद्य तेल बेचने वाली कंपनियों के लिए नए और कड़े नियम जारी किए हैं. अब देश में बिकने वाले सभी तरह के खाद्य तेलों की पैकेजिंग का साइज एक समान होगा. उपभोक्ता मामलों के विभाग ने ग्राहकों के हितों की रक्षा करने और बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लीगल मेट्रोलॉजी (विधिक मापविज्ञान) नियमों में यह बड़ा बदलाव किया है.

यह फैसला खाद्य तेल उद्योग के प्रमुख संगठनों के साथ लंबी बातचीत के बाद लिया गया है. ये संगठन भारत के करीब 90 प्रतिशत खाद्य तेल बाजार का प्रतिनिधित्व करते हैं. नए नियम देश में बनने वाले तेल और विदेशों से मंगवाए जाने वाले (इंपोर्टेड) तेल, दोनों पर पूरी तरह लागू होंगे.

अब नहीं चलेगी कंपनियों की मनमानी

अब तक बाजार में खाद्य तेलों के साइज जैसे 850 मिलीलीटर, 900 मिलीलीटर या 950 मिलीलीटर के पैकेट बिकते थे. इससे आम ग्राहकों के लिए अलग-अलग ब्रांड के तेल की असली कीमत की तुलना करना बहुत मुश्किल हो जाता था. कई बार कंपनियां पैकेट का आकार वैसा ही रखती थीं, लेकिन अंदर तेल की मात्रा कम कर देती थीं. इसे व्यापार की भाषा में ‘श्रिंकफ्लेशन’ (मात्रा घटाकर दाम छिपाना) कहते हैं. नए नियमों से कंपनियों की इस मनमानी पर पूरी तरह रोक लग जाएगी.

सरकार ने तय किए ये खास साइज

नए आदेश के मुताबिक, सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी, पाम ऑयल, मूंगफली, तिल, राइस ब्रान, बिनौला और मक्का के तेल अब सिर्फ सरकार द्वारा तय किए गए आकारों में ही बेचे जा सकेंगे:

र के इस्तेमाल के लिए (रिटेल साइज): 200 मिली/ग्राम, 500 मिली/ग्राम, 1 लीटर/किलोग्राम, 2 लीटर/किलोग्राम, 3 लीटर/किलोग्राम, 4 लीटर/किलोग्राम और 5 लीटर/किलोग्राम.

होटल या थोक बाजार के लिए (बल्क साइज): 15 लीटर/किलोग्राम और 20 लीटर/किलोग्राम.

गरीबों के लिए छोटे पाउच मिलते रहेंगे

बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 200 मिलीलीटर या 200 ग्राम से छोटे पैकेटों को इस नियम से बाहर रखा है. इससे कम आय वाले परिवारों के लिए बाजार में सस्ते और छोटे पाउच आसानी से मिलते रहेंगे. इसके अलावा, बहुत कम बिकने वाले कुछ खास तरह के मामूली तेलों को भी इस दायरे से छूट दी गई है.

वजन और वॉल्यूम दोनों बताना जरूरी

एक और बड़ा बदलाव यह हुआ है कि अगर कोई कंपनी पैकेट पर तेल की मात्रा लीटर या मिलीलीटर में लिखती है, तो उसे उसके ठीक बगल में तेल का कुल वजन (ग्राम या किलोग्राम में) भी साफ-साफ लिखना होगा. इससे ग्राहक आसानी से समझ सकेंगे कि उन्हें किस ब्रांड में कितना फायदा मिल रहा है.

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