हाथरस: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस में 548 करोड़ की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले आज धर्म की राजनीति कर रहे हैं.
अखिलेश यादव पर पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने संबंधी अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए रामलला के दर्शन करने की सलाह दी. कहा कि जिनकी सरकार में रामभक्तों पर गोलियां चलीं, वे आज अयोध्या की बात कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी की सरकार में जेलों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन बंद करा दिया गया था और कांवड़ यात्रा पर भी रोक लगाई गई थी. कहा कि हाथरस के 22 से ज्यादा मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया गया है. आरोप लगाया कि पहले सरकारें मंदिरों की जगह कब्रिस्तानों की बाउंड्री पर ज्यादा पैसा खर्च करती थीं, जबकि उनकी सरकार धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है.
उन्होंने अखिलेश यादव को रामलला के दर्शन करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे उन्हें सद्बुद्धि मिलेगी. कहा कि अगर विपक्ष खुद को धार्मिक मानता है तो उसे मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी खुलकर अपनी राय रखनी चाहिए. उनकी सरकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम कर रही है. इस दौरान उन्होंने हाथरस, सिकंदराराऊ और सादाबाद विधानसभा क्षेत्रों के लिए 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया.
पिछले नौ वर्षों में नहीं हुए दंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में न दंगे हुए, न कर्फ्यू लगा और न ही गुंडागर्दी को बढ़ावा मिला. उन्होंने मुहर्रम का जिक्र किया. कहा कि पहले जुलूसों के दौरान उपद्रव जैसी घटनाएं होती थीं. ताजिया निकालने के नाम पर गरीबों की झोपड़ियां हटाई जाती थीं, लोगों के छज्जे तोड़ दिए जाते थे. बिजली की हाईटेंशन लाइनों को हटाने का दबाव बनाया जाता था.
सरकार ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला. ताजियों की ऊंचाई तय कर दी गई, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो. सीएम के मुताबिक, इस साल प्रदेश में करीब 12 हजार ताजिया जुलूस निकले, लेकिन कहीं भी दंगा, उपद्रव या कर्फ्यू जैसी स्थिति नहीं बनी. कहा कि अब प्रदेश में हर धर्म और समुदाय के लोग अपने त्योहार शांति से मना रहे हैं और यही माहौल विकास की सबसे बड़ी ताकत है.
हाथरस में बढ़ेंगे उद्योग, किसानों को मिलेगा फायदा
सीएम योगी ने कहा कि हाथरस अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है. यहां नए उद्योग लग रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा. किसानों के लिए प्रोसेसिंग सेंटर बनाए जाएंगे, ताकि उनकी फसलों की अच्छी कीमत मिल सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के विकास के लिए काम कर रही है.
2017 से पहले यूपी की पहचान अलग थी: योगी
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा. कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की छवि खराब थी. हालात ऐसे थे कि प्रदेश का युवा अपनी पहचान बताने से भी कतराता था. कहा कि उस समय माफिया का राज था, गरीबों का शोषण होता था, सरकारी जमीनों पर कब्जे किए जाते थे, विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार होता था. व्यापारी, किसान व बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती थीं. जबकि उनकी सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर लगातार काम कर रही है.
जनप्रतिनिधियों ने रखीं अपनी मांगें
कार्यक्रम के दौरान सादाबाद से राष्ट्रीय लोकदल के विधायक प्रदीप कुमार सिंह उर्फ गुड्डू चौधरी ने हाथरस के आलू के निर्यात की मांग उठाई. उन्होंने योगी आदित्यनाथ को पुनः मुख्यमंत्री बनाने व अगले लोकसभा चुनाव बाद दिल्ली पहुंचाने की बात मंच से कही. सांसद अनूप सिंह वाल्मीकि ने हाथरस मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चुनाव से पहले शुरू कराने और जिले में विकास प्राधिकरण बनाने की मांग की. वहीं सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर और सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और विकास से जुड़ी मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं.
इस कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा, महिला आयोग की सदस्य रेणु गौड़, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, रालोद जिलाध्यक्ष श्याम सिंह चौधरी, अपना दल के रवि सारस्वत समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.


