वी पी एस खुराना
मथुरा जनपद में हज़रत सूफी इसहाक मियां का 31 वां उर्स मुबारक रविवार को उनके गद्दी नशीन व मुरीद सूफी उमर मियां छाता वालों के नेतृत्व में मेहफिल ए शमां के साथ उनके मजार शरीफ कब्रस्तान अंधी कुइय्या में कराया गया।
इस अवसर पर सूफी उमर मियां ने अपने पीर की याद में भावपूर्ण होकर उनके जीवन और कार्यों को याद किया।
सूफी उमर मियां ने बताया कि मेरे पीर हज़रत इसहाक मियां का 31 वां उर्स मुबारक मनाया गया जिसमें शाम 06:00 बजे उनके मजार शरीफ पर चादर पोशी की रस्म अदायगी हुई इसके बाद फातिहा पढ़ी गई और लंगर खाना वितरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सूफी और अनुयायी उपस्थित थे। इसके बाद मेहफिल ए शमां में कव्वाल ताज साबरी फिरोजाबादी ने अपने अंदाज में हज़रत मोहम्मद साहब, हज़रत मौला अली, हज़रत छोटे बड़े सरकार, हज़रत साबिर पाक, हज़रत इसहाक मियां की शान में एक से एक उम्दा कलाम पढ़े, जैसे कि: मेरा पीर साखी है, साखी के सदके; पिलाई है जिसने शराब ए मोहम्मद;कव्वाली के दौरान सूफी हाजी सूफी सईद हसन, सूफी उमर मियां, सूफी मुकीम मियां, सूफी मिर्ची वाले बाबा, सूफी इरफान आदि वज्द में आकर झूमने लगे। कव्वाल ताज साबरी फिरोजाबादी ने जबरदस्त कव्वाली का प्रदर्शन कर लोगों को मनमोहक कर लिया।कव्वाली प्रोग्राम समापन के दौरान सभी लोगों ने एक साथ अल्लाह से अपने वतन हिन्दोस्तान की खुशहाली तरक्की और अमन चैन की दुआ मांगी गई।
इस मौके पर सूफी उमर मियां, हाजी सूफी सईद हसन, सूफी मुकीम मियां, सूफी नईम, हाजी सूफी इरफान, सूफी मिर्ची वाले बाबा, पूर्व सभासद इक़बाल कुरैशी, सूफी जहीर, शाहिद कुरैशी आदि मोजूद रहे। सभी ने मिलकर अपने पीर की याद में दुआ की और उनके जीवन को याद किया।


