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Jio ला रहा है खुद का सैटेलाइट इंटरनेट, जामनगर में बन रहा है देश का सबसे बड़ा ‘AI बैकबोन; अंबानी का बड़ा एलान

हैदराबाद: रिलायंस जियो अब जमीन के बाद आसमान से भी भारत को जोड़ने की तैयारी कर रहा है. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने एक बड़ी घोषणा की. उन्होंने बताया कि जियो भारत के सुदूर इलाकों में कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए खुद का स्वदेशी लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट कॉन्स्टिलेशन (उपग्रह समूह) विकसित करने पर विचार कर रहा है.

विदेशी कंपनियों को सीधी चुनौती

वर्तमान में सैटेलाइट कम्युनिकेशन (Satcom) क्षेत्र में एलन मस्क की ‘स्टारलिंक’ और फ्रांस की ‘यूटेलसैट’ जैसी विदेशी कंपनियों का दबदबा है. आकाश अंबानी के इस कदम से भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ जाएगी. उन्होंने कहा, “जियो ने भारत को जमीन पर जोड़ा. अब हमें भारत को आसमान से जोड़ना होगा.”

दुर्गम क्षेत्रों को जोड़ने का लक्ष्य

इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत के उन हिस्सों तक इंटरनेट पहुंचाना है जहां पारंपरिक टेलीकॉम फाइबर नेटवर्क बिछाना बेहद मुश्किल या असंभव है. इसमें शामिल हैं:

  • दूरदराज के गांव: जहां आज भी डिजिटल कनेक्टिविटी की कमी है.
  • द्वीपीय समुदाय: मुख्य भूमि से कटे हुए टापू और द्वीप.
  • सीमावर्ती चौकियां: देश की सीमाओं पर तैनात सुरक्षा बलों और नागरिकों के लिए.

सैटेलाइट इंटरनेट इन सभी क्षेत्रों के लिए बाकी भारत से जुड़ने का एक मजबूत माध्यम बनेगा.

जियो की दोहरी रणनीति

जियो इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने के लिए दोतरफा रणनीति पर काम कर रहा है:

  • सैटेलाइट क्षमता लीज पर लेना: अपनी खुद की क्षमता विकसित होने तक सेवाओं को जल्द शुरू करने के लिए जियो प्रमुख वैश्विक सैटेलाइट ऑपरेटरों से क्षमता लीज पर ले रहा है.
  • स्वदेशी संप्रभु क्षमता: लंबे समय के लिए जियो अपनी खुद की आत्मनिर्भर सैटेलाइट प्रणाली तैयार करेगा ताकि भारत की डिजिटल सुरक्षा और संप्रभुता सुरक्षित रहे.

स्पेस-टू-ग्राउंड इकोसिस्टम

जियो केवल अंतरिक्ष में ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी अपना बुनियादी ढांचा मजबूत कर रहा है. कंपनी पूरे भारत में विशेष ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (अर्थ स्टेशन) का निर्माण कर रही है. यह इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर सैटेलाइट्स और जियो के भविष्य के अपने उपग्रहों दोनों को पूरी तरह सपोर्ट करेगा. इससे अंतरिक्ष से लेकर जमीन तक एक मजबूत एंड-टू-एंड सैटेलाइट ब्रॉडबैंड नेटवर्क तैयार होगा.

आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा

आकाश अंबानी ने जोर देकर कहा कि यह कदम अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की ‘आत्मनिर्भरता’ को मजबूत करेगा. जल्द ही आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी में जुटी जियो इस तकनीक के जरिए दुनिया के सैटेलाइट ब्रॉडबैंड मानचित्र पर भारत को एक प्रमुख स्थान दिलाएगी. उनके शब्दों में, “जियो का सबसे बेहतरीन दौर आना अभी बाकी है.”

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