कानपुर: साल 2020 में कानपुर से लखनऊ के सफर को महज आधे घंटे से लेकर 40 मिनट तक का बनाने के लिए जिस मकसद के साथ कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे की नींव रखी गई थी. वह एक्सप्रेसवे अब लगभग बनकर तैयार है. इस एक्सप्रेसवे पर मार्च से वाहनों के संचालन की तैयारी है. बता दें, यह जानकारी कानपुर मंडल के कमिश्नर के विजयेंद्र पांडियन ने दी.
बता दें, कानपुर से मौजूदा समय में लखनऊ तक जाने के लिए यात्रियों को 2 से 3 घंटे लग जाते हैं. कानपुर से लखनऊ रूट के लिए विकल्प के तौर पर केवल जाजमऊ गंगापुल ही है. गंगा बैराज वाले रास्ते पर सरैंया क्रासिंग है. यहां रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण जारी है. जिसमें अभी कुछ माह का समय लगेगा. ऐसे में अब मार्च से कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को शुरू कर योगी सरकार लाखों की संख्या में यात्रियों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है.
4 हजार 700 करोड़ रुपए में हुआ तैयार: 9 जून 2025 को जब कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया था, तो बताया था इस एक्सप्रेसवे पर 18 किमी. का हिस्सा जहां एलिवेटेड है. वहीं, 45 किमी. का हिस्सा ग्रीनफील्ड रूट जैसा है. कानपुर में जाजमऊ गंगा पुल से करीब 2 किमी आगे बढ़ने पर ही दाएं और बाएं हाथ पर एक्सप्रेसवे के लिए कट दिया गया है. जबकि लखनऊ में यह एक्सप्रेसवे पिपरसंड पर निकलता है. पिपरसंड से होकर नवाबगंज, बंथरा, बनी, दतौली कांठा, तौरा, नीरना, अमरसस, रावल होते हुए यात्री उन्नाव के आजाद चौक तक पहुंच सकेंगे. इस एक्सप्रेसवे की लागत 4700 करोड़ रुपये है.
साल 2023 में शुरू हुआ था निर्माणकार्य: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चलने के दौरान यात्रियों को किसी तरह की दिक्कतें न हों, इसके लिए एक्सप्रेसवे पर जहां तीन बड़े पुल होंगे, वहीं 28 छोटे पुल होंगे. इसके साथ ही 38 अंडरपास बनाए गए हैं. 6 फ्लाईओवर्स के साथ ही 4 इंटरचेंज दिए गए हैं. बता दें इस परियोजना को साल 2023 में शुरू किया गया था.


