नई दिल्ली: आयकर विभाग ने शनिवार को जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2025-26 (कर निर्धारण वर्ष 2026-27) के लिए अब तक 1.7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल किए जा चुके हैं. विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस उपलब्धि को साझा करते हुए बताया कि बड़ी संख्या में करदाताओं ने समय से पहले अपना रिटर्न भरकर एक समझदारी भरा कदम उठाया है.
विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रिटर्न दाखिल करने की रफ्तार में भारी तेजी देखी जा रही है. केवल बीते शुक्रवार को ही एक दिन के भीतर 10 लाख से अधिक करदाताओं ने अपना आईटीआर जमा किया.
31 जुलाई है अंतिम तिथि
आयकर विभाग ने करदाताओं को याद दिलाया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में अर्जित आय के लिए आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. आखिरी दिनों में आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों और भारी ट्रैफिक से बचने के लिए विभाग लगातार लोगों से जल्द से जल्द रिटर्न फाइल करने की अपील कर रहा है.
किसके लिए है आईटीआर-1 (सहज)?
आईटीआर फॉर्म 1 (सहज) एक बेहद सरल फॉर्म है, जो देश के छोटे और मध्यम वर्ग के करदाताओं की जरूरतों को पूरा करता है. यह फॉर्म उन निवासी व्यक्तियों के लिए है जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है. इसमें मुख्य रूप से वेतन, एक आवासीय संपत्ति (हाउस प्रॉपर्टी), और अन्य स्रोतों (जैसे बैंक ब्याज) से होने वाली आय शामिल है. इसके तहत सालाना 5,000 रुपये तक की कृषि आय वाले नागरिक भी आवेदन कर सकते हैं.
किसके लिए जरूरी है आईटीआर-2?
आईटीआर-2 फॉर्म उन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए है, जिनकी आय का जरिया किसी व्यवसाय या पेशे के मुनाफे से नहीं है. यदि आपकी आय का मुख्य स्रोत शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी की बिक्री से होने वाला पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेंस) है, तो आपको आईटीआर-2 भरना होगा. इसके अलावा 50 लाख रुपये से अधिक की आय वाले या एक से अधिक आवासीय संपत्ति वाले लोग भी इस फॉर्म का उपयोग करते हैं.
विभाग ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अंतिम समय की हड़बड़ी से बचने के लिए अपने दस्तावेज़ जैसे फॉर्म 16 और पैन-आधार को अपडेट रखें और समय सीमा के भीतर अपना टैक्स रिटर्न जमा करें.


