Mediasamvad24

34.1 C
Noida
Saturday, August 29, 2026

Buy now

spot_img

विश्व क्षय रोग दिवस-2026: माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री भारत सरकार ने 100 दिवसीय “टीवी मुक्त भारत” अभियान का किया शुभारंभ

इस अवसर पर नि:क्षय वाहन, टीबी ऐप और शहरी टीबी फ्री वार्ड की पहलों का भी हुआ उद्घाटन

100 दिवसीय अभियान जन भागीदारी तकनीकी नवाचार और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से टीवी उन्मूलन में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका: मा0 केंद्रीय मंत्री

कार्यक्रम में टीबी विजेताओं ने उपस्थित नागरिकों के साथ अपने अनुभव किये साझा

गौतम बुद्ध नगर 24 मार्च 2026

विश्व क्षय रोग दिवस-2026 के अवसर पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा में आयोजित समारोह में माननीय केंद्रीय मंत्री स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार जगत प्रकाश नड्डा जी द्वारा “100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान” का शुभारंभ तथा “टीबी मुक्त भारत ऐप (ख़ुशी– e-नि:क्षय मित्र)” तथा “टीबी फ्री अर्बन वार्ड इनिशिएटिव” का उद्घाटन किया गया। साथ ही नि:क्षय वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो टीबी मरीजों तक घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान सम्मानित अतिथियों में माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार अनुप्रिया पटेल तथा उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक जी भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर माननीय केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा जी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार 2026 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह 100-दिवसीय अभियान जनभागीदारी, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया और सभी से आग्रह किया कि वे टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने और सहयोग करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
माननीय मंत्री जी ने टीबी जांच के क्षेत्र में नवीनतम उपकरणों का परिचय भी दिया और बताया कि अब आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से टीबी की जांच अधिक सटीक और प्रभावी ढंग से हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने टीबी पोषण अभियान की भी चर्चा की, जिससे टीबी रोगियों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जनभागीदारी की महत्ता पर उन्होंने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति, संस्थान और समुदाय का सहयोग इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने में निर्णायक भूमिका निभाता है।
माननीय केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को बधाई दी और कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने में राज्य सरकारों ने अब तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है और हमें आशा है कि आने वाले समय में भी राज्य सरकारें इसी सक्रिय भूमिका के माध्यम से इस अभियान को और सशक्त बनाएंगी।
उत्तर प्रदेश के मा० उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक जी ने अपने संबोधन में प्रदेश की उपलब्धियों और प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि “टीबी उन्मूलन को जन-आंदोलन बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है।” उन्होंने बताया कि 7 दिसंबर 2024 से 9 मार्च 2026 तक प्रदेश में 3 करोड़ 28 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जांच सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए नाट (NAT) मशीनों की संख्या 141 से बढ़ाकर 1004 कर दी गई है तथा वर्तमान में लगभग 64 प्रतिशत जांच नाट तकनीक से की जा रही हैं। इसके साथ ही, 87 से अधिक AI आधारित हैंड-हेल्ड चेस्ट एक्स-रे मशीनों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में भी जांच सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उपचार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है और ड्रग सेंसिटिव टीबी की सफलता दर 92 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। आयुष्मान आरोग्य शिविर पर टीबी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री को आश्वस्त किया कि इस अभियान के सफल संचालन में उत्तर प्रदेश सरकार आगे भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी।
मा० राज्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, भारत सरकार, अनुप्रिया पटेल जी ने अपने संबोधन में कहा कि “टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक और आर्थिक जिम्मेदारी भी है। जब तक समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक इस बीमारी पर पूरी तरह से नियंत्रण पाना संभव नहीं है।” उन्होंने विशेष रूप से विश्व टीबी दिवस के अवसर पर शुभारंभ किए गए 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि यह अभियान देशभर में टीबी उन्मूलन को तेज गति देने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग अभियान चलाए जाएंगे, जिनमें घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी। आधुनिक जांच तकनीकों और मोबाइल हेल्थ यूनिट्स के माध्यम से टीबी के लक्षणों की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों और संवेदनशील वर्गों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि कोई भी मरीज जांच और इलाज से वंचित न रह जाए। साथ ही, उपचार के दौरान मरीजों की निरंतर निगरानी और पोषण सहायता जैसी सुविधाओं को भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे रोगियों के शीघ्र स्वस्थ होने में मदद मिले।
इस अवसर पर उन्होंने मा० केंद्रीय मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देश टीबी (क्षय रोग) उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के नेतृत्व, राज्यों के सहयोग तथा जनता की सहभागिता से भारत निश्चित रूप से टीबी मुक्त राष्ट्र बनने के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।
कार्यक्रम में आयुष्मान आरोग्य शिविर एवं टीवी उन्मूलन हेतु विभिन्न स्टाल लगाए गए, जिनका सभी मा0 जनप्रतिनिधियों द्वारा अवलोकन किया गया। इस अवसर पर टीबी विजेताओं ने अपने-अपने अनुभव और यात्रा साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि किस प्रकार उन्होंने अपने समुदायों में टीबी जागरूकता फैलाने और रोगियों तक सहायता पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान टीवी मुक्त भारत को लेकर कार्यक्रम में उपस्थित सभी को शपथ दिलाई गई, शपथ में सभी नागरिकों, संस्थानों और संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाने और टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को साकार करने का संकल्प लिया।
अंत में उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि “सभी के समन्वित प्रयासों से ही टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जा सकेगा।”
यह आयोजन “टीबी मुक्त भारत” के लक्ष्य की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक पहल के रूप में उभरा, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार, समाज और तकनीक के समन्वित प्रयासों से ही टीबी उन्मूलन संभव है और यह अभियान एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
इस अवसर पर जनपद के माननीय प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, माननीय विधायक जेवर धीरेंद्र सिंह, माननीय विधायक दादरी तेजपाल नागर, माननीय विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा, नरेंद्र भाटी, माननीय जिलाध्यक्ष भाजपा अभिषेक शर्मा, अन्य माननीय जनप्रतिनिधियों सहित सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण भारत सरकार पुण्य सलिला श्रीवास्तव, अपर सचिव एवं मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भारत सरकार आराधना पटनायक, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा उत्तर प्रदेश अमित कुमार घोष, सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश डॉक्टर पिंकी जोवल, मुख्य विकास अधिकारी डॉक्टर शिवाकांत द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नरेंद्र कुमार व स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles