अयोध्या। प्रदेश में अधिवक्ताओं की लगातार हो रही हत्याओं के विरोध में सोमवार को रुदौली तहसील परिसर में आक्रोश खुलकर सामने आया। रामपुर में अधिवक्ता फारूख अहमद खां, बाराबंकी में अधिवक्ता शोएब किदवई तथा शिवपुरी करेरा में वरिष्ठ अधिवक्ता संजय सक्सेना की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटनाओं ने वकीलों को झकझोर दिया है। इन घटनाओं के विरोध में बार एसोसिएशन रुदौली ने आमसभा आयोजित कर कड़ी नाराज़गी जताई और प्रदेश सरकार से अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
बार अध्यक्ष चौधरी अजीमुद्दीन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में अधिवक्ताओं पर बढ़ते हमले कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न हैं। बैठक के उपरांत अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया और तहसील परिसर से पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी संतोष कुमार की अनुपस्थिति में तहसीलदार रुदौली विजय कुमार गुप्ता को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि अधिवक्ताओं की हत्याओं में वांछित अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए, प्रदेश में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए, अधिवक्ताओं को प्रभावी सुरक्षा दी जाए तथा मृत अधिवक्ताओं के परिजनों को पचास-पचास लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए।
इस अवसर पर महामंत्री अमर सिंह यादव, बालेन्द्र सिंह, मो. फहीम खान, अनिल मिश्रा, साहब सरन वर्मा, वीरेन्द्र यादव, समरपाल यादव, लालमणि यादव, प्रमोद कुमार, अब्दुल हई खान, रमेश सिंह, अमरेश यादव, राजेश पाण्डेय, अली हैदर, रियाज़ अंसारी, कमरुद्दीन अहमद, फज़ल अज़ीम सहित दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे। वहीं रुदौली कोतवाल संजय मौर्य भी पुलिस टीम के साथ तहसील परिसर में तैनात रहे।


