आगरा। भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी ओमवीर सिंह एवं मंडल अध्यक्ष हारून खान के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने सोमवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) आगरा को एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा। इसमें निजी स्कूल प्रबंधकों पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि कई प्राइवेट स्कूल प्रबंधक शासन के आदेशों की अनदेखी करते हुए छात्रों पर महंगी किताबें, कॉपियां और ड्रेस खरीदने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि स्कूलों में एनसीईआरटी की स्वीकृत पुस्तकों को लागू नहीं किया जा रहा है, बल्कि अन्य प्रकाशकों की किताबें मनमाने दामों पर खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर किया जा रहा है।
भाकियू लोकशक्ति के पदाधिकारियों ने इसे “खुली लूट” बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई शासन के स्पष्ट निर्देशों के विपरीत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन इस मामले में जानबूझकर उदासीन बना हुआ है, जिससे स्कूल प्रबंधकों के हौसले बुलंद हैं।
संगठन ने बीएसए से मांग की है कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


