सिलेंडर की कमी से परेशान परिवार, अतिरिक्त गैस के लिए DSO के चक्कर; प्रशासन ने विशेष व्यवस्था से किया इनकार
अयोध्या। अयोध्या में इन दिनों शादी-विवाह का सीजन है, लेकिन खुशियों के इस माहौल पर गैस सिलेंडर की कमी ने जैसे ब्रेक लगा दिया है। शहर हो या गांव—हर तरफ एक ही चिंता है: सिलेंडर मिलेगा या नहीं?
शादी के घरों में जहां रौनक, पकवान और मेहमानों की तैयारियां जोरों पर होनी चाहिए, वहां लोग गैस एजेंसियों के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। कई परिवारों की परेशानी इतनी बढ़ गई है कि वे शादी के कार्ड के साथ जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के पास अतिरिक्त सिलेंडर की गुहार लगा रहे हैं।
भरतकुंड क्षेत्र के हिसामुद्दीनपुर निवासी अधिवक्ता रविशंकर की चिंता साफ झलकती है। बेटे की शादी 12 अप्रैल को है, लेकिन रसोई की व्यवस्था अधर में है। उन्होंने 10 अतिरिक्त सिलेंडर की मांग करते हुए आवेदन दिया है। उनका कहना है कि अगर सिलेंडर नहीं मिला तो उन्हें पुराने तरीके—लकड़ी और कोयले की भट्टी—का सहारा लेना पड़ेगा।
कुछ ऐसी ही स्थिति जगदीश नगर, खोजनपुर के राजनाथ सिंह के परिवार की भी है। उनकी बेटी की शादी 25 अप्रैल को तय है। उन्होंने 6 अतिरिक्त सिलेंडर की मांग की है। परिवार का कहना है कि शादी में सबसे बड़ी जरूरत खाना बनाने की होती है—अगर कुछ सिलेंडर मिल जाएं तो राहत मिल सकती है, वरना इंतजाम भट्टी से ही करना पड़ेगा।
इन सबके बीच प्रशासन का रुख साफ है। जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि शादी-समारोह के लिए अतिरिक्त गैस सिलेंडर देने की कोई विशेष व्यवस्था न पहले थी और न ही अब है। बढ़ती भीड़ और शिकायतों को देखते हुए कार्यालय में नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है।
अब सवाल यह है कि जब शादी जैसे बड़े आयोजनों में गैस की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तो ऐसी स्थिति में आम लोगों के पास क्या विकल्प बचता है? फिलहाल, अयोध्या के कई घरों में शहनाइयों के साथ-साथ चिंता की भी हल्की आवाज सुनाई दे रही है—कहीं गैस की कमी से खुशियों का स्वाद फीका न पड़ जाए।


