नई दिल्ली: मशहूर दवा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने अपने टैल्क उत्पादों से जुड़े 15 साल पुराने कानूनी विवाद को खत्म करने के लिए 5.5 अरब डॉलर (लगभग 52,642 करोड़ रुपये) का भुगतान करने पर सहमति जताई है. यह समझौता उन हजारों मुकदमों को सुलझाने के लिए किया गया है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी के बेबी पाउडर और अन्य टैल्क उत्पादों के इस्तेमाल से महिलाओं को ओवेरियन कैंसर हुआ.
95% दावेदारों की मंजूरी जरूरी
कंपनी की तरफ से जारी बयान के अनुसार, यह समझौता तभी पूरी तरह लागू होगा जब अदालतों में लंबित मामलों के कम से कम 95 प्रतिशत दावेदार या उनकी कानूनी फर्में इस पर अपनी सहमति देंगी. यह शर्त पूरी होने के बाद ही अमेरिकी अदालतों में चल रहे ये सभी मुकदमे हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे.
कैसे होगा पैसों का भुगतान?
तय शर्तों के मुताबिक, जॉनसन एंड जॉनसन इस मुआवजे की रकम को किस्तों में देगी. कंपनी अपनी पहली किस्त के रूप में 3 अरब डॉलर तक का भुगतान साल 2027 में करेगी. इसके बाद, बची हुई रकम का भुगतान साल 2028 से शुरू किया जाएगा. इस समय-सारणी के कारण कंपनी पर तुरंत वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा.
कंपनी का क्या कहना है?
जॉनसन एंड जॉनसन के ग्लोबल लिटिगेशन वाइस प्रेसिडेंट एरिक हास ने कहा कि कंपनी को पूरा भरोसा है कि इन दावों में कोई वैज्ञानिक सच्चाई नहीं है. स्वतंत्र विशेषज्ञों और दशकों के शोध से यह साबित हो चुका है कि कंपनी का कॉस्मेटिक टैल्क पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें कैंसर फैलाने वाला एस्बेस्टस नहीं है.
हाल ही में अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने भी माना था कि शिकायतकर्ता यह साबित नहीं कर पाए कि कंपनी के पाउडर की वजह से ही उन्हें कैंसर हुआ. इसके बावजूद, कंपनी ने इतने लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई और मानसिक तनाव को खत्म करने के लिए यह समझौता करना बेहतर समझा.
J&J के महत्वपूर्ण बदलाव
इस बड़े विवाद के कारण कंपनी पिछले कुछ वर्षों में कई कड़े कदम उठा चुकी है:
- बिक्री पर रोक: कंपनी ने साल 2023 में ही दुनिया भर में अपने टैल्क-आधारित ‘जॉनसन बेबी पाउडर’ की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी थी. अब बाजार में सिर्फ कॉर्नस्टार्च (मक्के के स्टार्च) से बने पाउडर ही बेचे जा रहे हैं.
- कारोबार का बंटवारा: साल 2023 में जे&जे ने अपने कंज्यूमर हेल्थ बिजनेस को ‘केनव्यू’ (Kenvue) नाम की एक नई कंपनी में बदल दिया था. हालांकि, टैल्क से जुड़े सभी मुकदमों और खर्चों की जिम्मेदारी जे&जे ने खुद संभाली है.
यह समझौता कंपनी के उन पुराने सेटलमेंट्स का हिस्सा है, जिसके तहत उसने मेसोथेलियोमा (कैंसर का एक प्रकार) के मुकदमों और सरकारी उपभोक्ता मामलों को पहले ही सुलझा लिया था.


