नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश के सभी राज्यों के लिए अपना खजाना खोल दिया है. राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है. केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने शनिवार, 1 अगस्त 2026 को राज्यों को कर हस्तांतरण के रूप में ₹1,09,019 करोड़ की अतिरिक्त किस्त समय से पहले जारी कर दी है. यह पैसा राज्यों को हर महीने मिलने वाली नियमित राशि के अलावा दिया गया है.
त्योहारों और विकास कार्यों के लिए मिला एडवांस फंड
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, यह राशि सामान्य तौर पर हर महीने की 10 तारीख को जारी की जाती है. लेकिन इस बार राज्यों को 10 अगस्त 2026 का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. सरकार ने इसे 9 दिन पहले ही राज्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया है. इस फैसले के पीछे केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्यों को समय पर अतिरिक्त फंड देना है, ताकि वे अपनी बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं (जैसे सड़क, पुल, स्कूल और अस्पताल) और अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं की गति को और तेज कर सकें.
उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल को मिला सबसे ज्यादा फायदा
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे फंड में से उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ी हिस्सेदारी मिली है. यूपी के खाते में ₹17,908 करोड़ आए हैं. इसके बाद दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल को ₹7,986 करोड़ और तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र को ₹7,022 करोड़ का भारी-भरकम फंड मिला है.
अन्य बड़े राज्यों की बात करें तो राजस्थान को ₹6,800 करोड़, बिहार को ₹5,893 करोड़, तमिलनाडु को ₹4,600 करोड़, गुजरात को ₹4,074 करोड़, आंध्र प्रदेश को ₹4,037 करोड़ और मध्य प्रदेश को ₹3,810 करोड़ का आवंटन मिला है. छोटे राज्यों में गोवा को ₹399 करोड़ और सिक्किम को सबसे कम ₹203 करोड़ दिए गए हैं.
क्या होता है टैक्स डिवोल्यूशन और क्यों है जरूरी?
टैक्स डिवोल्यूशन एक संवैधानिक नियम है. इसके तहत केंद्र सरकार देश भर से जो टैक्स वसूलती है, उसका एक तय हिस्सा (लगभग 41%) राज्यों के विकास के लिए उनके साथ बांटती है. यह हिस्सा वित्त आयोग तय करता है. राज्यों के लिए यह पैसा बहुत खास होता है क्योंकि इस पर केंद्र की कोई पाबंदी नहीं होती. राज्य सरकारें अपनी जरूरत के हिसाब से इसे खर्च कर सकती हैं.


