ग्लास्गो (स्कॉटलैंड): कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए शनिवार का दिन बेहद अहम रहा. इस प्रतियोगिता के फाइनल से ठीक पहले भारत के मुक्केबाजों, जूडोकाओं और पैरा खिलाड़ियों ने देश का परचम फहराया. बता दें, राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने अभी तक 39 पदक जीते हैं. शनिवार को 8 गोल्ड मेडल जीतकर भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है.
भारत से पहले ऑस्ट्रेलिया 62 गोल्ड मेडल के साथ पहले, इंग्लैंड 26 गोल्ड के साथ दूसरे और कनाडा 18 गोल्ड मेडल के साथ लिस्ट में तीसरे स्थान पर है. शनिवार को भारत के प्रदर्शन की बात करें तो अपने ऐतिहासिक बॉक्सिंग कैंपेन का अंत रिकॉर्ड तोड़ सात गोल्ड मेडल जीतकर किया. नरेंद्र बेरवाल ने शनिवार को पुरुषों की 90+ किग्रा. कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता. इस शानदार प्रदर्शन की वजह से भारत बॉक्सिंग मेडल टेबल में सात गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल के साथ टॉप पर रहा, जो कॉमनवेल्थ गेम्स में उसका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन था.
पुरुषों के 90+kg फाइनल में, नरेंद्र को इंग्लैंड के डमर थॉमस ने 0-5 से हराकर सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा. हार के बावजूद, उनका पोडियम पर आना भारतीय बॉक्सिंग टीम के लिए एक यादगार कैंपेन था. इससे पहले दिन में, अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा. फाइनल में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को स्प्लिट डिसीजन में 4-1 से हराकर भारत को बॉक्सिंग में सातवां गोल्ड मेडल दिलाया.
ग्लासगो में दूसरे भारतीय गोल्ड मेडलिस्ट सचिन सिवाच, जैस्मिन लैम्बोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी और प्रिया घनघस थे, जबकि ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन और जदुमणि सिंह ने भारत की गिनती में सिल्वर मेडल जोड़े.
पुरुषों के 60 किग्रा. फाइनल में, सचिन ने नामीबिया के ट्रायगेन मॉर्निंग नेडेवेलो के खिलाफ शानदार वापसी की, शुरुआती दो राउंड के बाद पीछे चल रहे भारतीय बॉक्सर ने आखिरी राउंड में जोरदार वापसी की, स्टैंडिंग काउंट करवाया और 3-2 के स्प्लिट-डिसीजन से रोमांचक जीत हासिल करके गोल्ड मेडल जीता. लवलीना बोरगोहेन गोल्ड मेडल से चूक गईं, उन्हें महिलाओं के 75 किग्रा. के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से स्प्लिट डिसीजन में 1-4 से हारकर सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.
भारत के मुक्केबाजों के प्रदर्शन पर एक नज
भारतीय बॉक्सरों ने अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करके इतिहास रच दिया है. मुक्केबाजी प्रतियोगिता में कुल 7 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल जीते गए हैं. वहीं. महिला बॉक्सरों की बात करें तो 5 गोल्ड मेडल जीते है.
इन खिलाड़ियों ने जीते गोल्ड
- जैस्मिन लम्बोरिया (57 किग्रा.)
- प्रीति पवार (54 किग्रा.)
- प्रिया सांगवान (60 किग्रा.)
- साक्षी चौधरी (51 किग्रा.)
- अरुंधति चौधरी (70 किग्रा.)
- सचिन सिवाच (60 किग्रा.)
- अंकुश पंघाल (70 किग्रा.)
सिल्वर मेडल जीतने वाले एथलीट
- लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा.)
- जादुमणि सिंह (55 किग्रा.)
- नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा.)
जूडो में भी भारत का बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला. उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा. वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता. बता दें, जूडो में भारत के लिए ये चौथा पदक था. पैरा स्पोर्टस में भी भारतीय खिलाड़ियों का दमखम देखने को मिला. अबकी बार पदकों में करीब 20 साल का सूखा खत्म हुआ है. सोमण राणा ने F57 पैरा शॉट पुट में 14.40 मी. के साथ गोल्ड मेडल जीता है. इसी इवेंट में शुभम जुयाल ने 13.28 मी. थ्रो के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया. वहीं, एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने 5000 मी. दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा.
अरुंधति चौधरी ने महिलाओं के 70 किग्रा. फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड की चैंटेल रीड को एकमत से 5-0 से हराया. प्रीति पवार ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 54 किग्रा. फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता. मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन जैस्मिन लैम्बोरिया ने महिलाओं के 57 किग्रा. फाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की डिफेंडिंग चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 से हराकर भारत का गोल्डन रन जारी रखा. साक्षी चौधरी ने महिलाओं के 51 किग्रा, फाइनल में इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5-0 से हराकर भारत की गिनती में एक और गोल्ड मेडल जोड़ा.


