नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एफएमसीजी (FMCG) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड के खिलाफ एक सख्त आदेश जारी किया है. नियामक ने कंपनी को अपने उन खाद्य उत्पादों की बिक्री तुरंत रोकने का निर्देश दिया है, जिन पर भ्रामक और असत्यापित दावे किए जा रहे थे. इस नियामक कार्रवाई के बाद शेयर बाजार में डाबर के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई.
भ्रामक दावों पर नियामक की सख्ती
एफएसएसएआई ने अपनी जांच में पाया कि डाबर के कई उत्पादों पर किए गए दावे अस्पष्ट थे और उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते थे. कंपनी अपने उत्पादों के विज्ञापन और पैकेजिंग में “100% नेचुरल”, “100% प्योर”, “100% प्योरिटी गारंटेड” और “100% ऑर्गेनिक” जैसे निरपेक्ष शब्दों का उपयोग कर रही थी. नियामक के अनुसार, यह कदम खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 का सीधा उल्लंघन है.
नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रमुख उत्पाद
जांच के दौरान डाबर के कुछ खास उत्पादों में गंभीर कमियां पाई गईं
बिना मंजूरी के लोगो का इस्तेमाल: डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर बिना वैध जैविक प्रमाणीकरण के ‘जैविक भारत’ लोगो का उपयोग किया जा रहा था.
मिश्रित खाद्य पदार्थों पर गलत दावे: डाबर होममेड कोकोनट मिल्क को “100% प्योरिटी” के दावे के साथ बेचा जा रहा था, जबकि मिश्रित (कंपाउंड) खाद्य उत्पादों के लिए ऐसे दावों की अनुमति नहीं है.
नियामक ने स्पष्ट किया कि डाबर को पहले भी इन दावों को हटाने के लिए नोटिस दिया गया था, लेकिन कंपनी ने कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया. अब डाबर को 15 दिनों के भीतर अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) सौंपनी होगी.
शेयर बाजार में गिरावट
इस खबर के आते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर डाबर इंडिया के शेयर 2 प्रतिशत से अधिक टूटकर ₹414.60 के इंट्राडे लो पर आ गए. अगर डाबर के दीर्घकालिक वित्तीय प्रदर्शन को देखें, तो कंपनी का शेयर पिछले कुछ समय से दबाव में है. इसका 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹576.80 और न्यूनतम स्तर ₹401.05 रहा है. पिछले एक साल की अवधि में इस एफएमसीजी स्टॉक में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जबकि पिछले पांच वर्षों में यह शेयर लगभग 30 प्रतिशत तक टूट चुका है.


