हैदराबाद: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों असंगठित क्षेत्र के कामगारों, गिग वर्कर्स और स्वरोजगार करने वाले लोगों के लिए एक नई ‘यूनिवर्सल पीएफ स्कीम’ लाने की तैयारी कर रहा है. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफओ एक ऐसे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रहा है, जिससे भविष्य में फ्रीलांसर, कैब ड्राइवर, डिलीवरी पार्टनर्स, छोटे दुकानदार और स्वरोजगार से जुड़े लोग भी अपनी मर्जी से पीएफ फंड में योगदान दे सकेंगे. यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो देश के इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर अनौपचारिक क्षेत्र को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिलेगा.
अभी इन कर्मचारियों को मिलता है लाभ
वर्तमान नियमों के तहत, भविष्य निधि (PF) का लाभ केवल उन संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को मिलता है, जिनकी कंपनियों में न्यूनतम 20 कर्मचारी कार्यरत होते हैं. इस अनिवार्य सीमा के कारण भारत की एक बहुत बड़ी आबादी सामाजिक सुरक्षा चक्र से बाहर रह जाती है. इस कमी को दूर करने के लिए प्रस्तावित नई योजना में उन सभी लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है जो किसी नियमित वेतनभोगी ढांचे का हिस्सा नहीं हैं.
जब चाहें पैसा जमा कर सकेंगे
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका लचीलापन है. चूंकि फ्रीलांसरों, रेहड़ी-पटरी वालों या कैब ड्राइवरों की मासिक आमदनी निश्चित नहीं होती, इसलिए उनके लिए कोई सख्त मासिक कटौती लागू नहीं होगी. सदस्य अपनी वित्तीय स्थिति और दैनिक या मासिक कमाई के आधार पर जब चाहें पैसा जमा कर सकेंगे. वे चाहें तो रोजाना, हर महीने या साल में सिर्फ एक बार भी एकमुश्त योगदान दे सकते हैं. यह लचीलापन अनियमित आय वाले परिवारों के लिए पीएफ को व्यावहारिक बनाएगा.
सरकार से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी
टैक्स और बचत लाभ के मोर्चे पर भी यह योजना मौजूदा ईपीएफ (EPF) मॉडल की तरह ही काम करेगी. अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना के तहत सालाना ₹2.5 लाख तक के योगदान को पूरी तरह से टैक्स-फ्री (कर-मुक्त) रखा जा सकता है. इसके अलावा, इस फंड पर मिलने वाला ब्याज भी टैक्स-फ्री रहेगा. इससे असंगठित क्षेत्र के कामगारों को न केवल आकर्षक ब्याज दरों के साथ सेवानिवृत्ति निधि बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि वे अपनी गाढ़ी कमाई पर टैक्स की बचत भी कर सकेंगे. हालांकि, यह योजना अभी अपने शुरुआती चरण में है और इसे लागू करने के लिए सरकार से अंतिम आधिकारिक मंजूरी मिलना बाकी है.


