शिमला। वित्तीय संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार फिर बाजार से 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने जा रही है। प्रदेश के वित्त विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। यह ऋण विकास कार्यों और योजनाओं के संचालन के लिए लिया जा रहा है। वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार के अनुसार, इस ऋण के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के माध्यम से पहली सितंबर, 2026 को ई-कुबेर पोर्टल पर नीलामी आयोजित की जाएगी।
13 वर्ष की अवधि के लिए होगा लोन
700 करोड़ का ऋण 13 वर्ष की अवधि के लिए लिया जाएगा, जिसे आठ जुलाई, 2039 को चुकता किया जाएगा। इस ऋण पर 7.56 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज देय होगा, जिसका भुगतान छमाही आधार पर (प्रत्येक वर्ष आठ जनवरी और आठ जुलाई को) किया जाएगा।
प्रत्येक नागरिक पर 1.35 लाख कर्ज
प्रदेश की वित्तीय स्थिति के अनुसार, कुल सार्वजनिक ऋण और अन्य देनदारियां 1,01,863 करोड़ से 1,04,400 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश की लगभग 75 लाख की जनसंख्या के हिसाब से राज्य के प्रत्येक नागरिक पर औसतन 1.35 लाख से अधिक का कर्ज है।
साल-दर-साल कैसे बढ़ा ऋण का बोझ
- वर्ष कुल ऋण
- 2022-23 76,681 करोड़
- 2023-24 85,295 करोड़
- 2024-25 93,625 करोड़
- 2025-26 1,01,863 करोड़
- 2026-27 में अब तक 1,04,400 करोड़


