श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रेसिडेंट महबूबा मुफ्ती ने आर्टिकल 370 हटाए जाने की सातवीं सालगिरह से एक दिन पहले मंगलवार रात श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया.
महबूबा मुफ्ती में उल्टा पकड़ा झंडा
महबूबा मुफ्ती ने धरना प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा पकड़ा. उनकी इस हरकत को लेकर वह विवादों में आ गई. हालांकि बताया जा रहा है कि महबूबा ने बाद में राष्ट्रीय ध्वज को ठीक से पकड़ लिया.
महबूबा की लीडरशिप में दर्जनों पीडीपी कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर में पार्टी के हेडक्वार्टर पर विरोध प्रदर्शन किया. महबूबा ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ अपने ऑफिस के बाहर मोमबत्तियां जलाकर धरना दिया. उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार को जम्मू-कश्मीर के लोगों से बातचीत करनी चाहिए और उनके अधिकार और संवैधानिक दर्जा वापस दिलाना चाहिए जो 5 अगस्त, 2019 को उनसे छीन लिया गया.’
महबूबा ने कहा कि 5 अगस्त, 2019 जम्मू-कश्मीर के लोगों को ‘मंजूर नहीं’ है. उन्होंने कहा, ‘पीडीपी लोगों की इज्जत के साथ-साथ आर्टिकल 370 को वापस लाने की मांग करती है.’ और कहा कि उस दिन की घटनाओं को लोग भूल नहीं सकते. महबूबा ने कहा कि धरने के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती के साथ ‘मारपीट’ की, जो पार्टी ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन करना चाहती थी.
पीडीपी और अपनी पार्टी ने आर्टिकल 370 हटाए जाने की सातवीं सालगिरह पर मंगलवार को कश्मीर में विरोध प्रदर्शन करने का प्लान बनाया था. 5 अगस्त, 2019 को, केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने आर्टिकल 370 और 35A को हटा दिया था और पुराने राज्य को लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया.
सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस भी विरोध प्रदर्शन में शामिल है. दोनों पार्टियों ने कहा कि वे इस दिन को ‘ब्लैक डे’ के तौर पर मनाएंगी. हालांकि, बीजेपी नेता मंगलवार को अपने श्रीनगर ऑफिस में एक जश्न का कार्यक्रम कर रहे हैं, जो सत्ताधारी नेशनल कान्फ्रेंस और पीडीपी के ‘ब्लैक डे’ विरोध प्रदर्शनों का मुकाबला करेगा.


