नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से फोन पर बात की. दोनों नेताओं ने इस दौरान साझेदारी को मजबूत करने और अपने रिश्तों को आगे ले जाने के वादे को भी दोहराया. बता दें, ब्राजील के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को फोन किया था. उन्होंने साझा चुनौतियों से निपटने में सुधार वाले बहुपक्षीयवाद के महत्व पर भी जोर दिया.
इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से कहा गया कि पिछले साल 2025 में ब्रासीलिया और साउथ अफ्रीका में हुई अपनी मीटिंग को याद करते हुए, दोनों नेताओं ने ट्रेड और इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी, डिफेंस, एनर्जी, हेल्थ, एग्रीकल्चर और लोगों के बीच संबंधों सहित द्विपक्षीय सहयोग के अलग-अलग क्षेत्रों में हुए विकास पर संतोष भी जताया. पीएम मोदी ने बातचीत में कहा कि वे जल्द ही प्रेसिडेंट लूला का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं. बता दें, भारत अगले महीने आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (AI) इम्पैक्ट समिट होस्ट करने जा रहा है. भारत और ब्राजील के बीच करीबी और कई तरह के रिश्ते हैं, जिसे 2006 में स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप तक बढ़ाया गया.
दोनों देश ब्रिक्स (BRICS), भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (आईबीएसए) वार्ता मंच पर संक्षिप्त जानकारी (IBSA), जी20, जी-4, इंटरनेशनल सोलर अलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंस इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्लुरिलैटरल फोरम के साथ-साथ यूनाइटेड नेशंस (UN), विश्व व्यापार संगठन (WTO), यूनेस्को (UNESCO) और विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) जैसी बड़ी मल्टीलेटरल संस्था में भी बहुत अच्छा सहयोग करते हैं. यह आपसी रिश्ता एक सामान्य वैश्विक दृष्टि, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए सामाजिक समावेश के साथ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर आधारित है.
बता दें, अभी तक विदेश मंत्रालय की तरफ से लूला के भारत दौरे की कोई भी घोषणा नहीं की गई है. अमेरिकी टैरिफ के बीच लूला का भारत दौरा काफी मायने रखेगा. वहीं, पीएम मोदी ने इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति लूला से बात करके काफी खुशी हुई. हमने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी की भी समीक्षा की, जो आने वाले समय में नई ऊचांइयों तक जाएगा. ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए हमारा करीबी सहयोग बहुत जरूरी है. मैं जल्द ही उनका भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं. इससे पहले पिछले साल अगस्त में दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें तत्कालीन घटनाक्रमों को लेकर बातचीत हुई थी.


