(सुघर सिंह सैफई)
सैफई ( इटावा) ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को विज्ञान और चिकित्सा क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराने के उद्देश्य से मंगलवार को विकास खंड सैफई के परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई का शैक्षिक भ्रमण कराया गया।
इस भृमण के दौरान बच्चों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली को करीब से देखा और डॉक्टरों से विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाओं की जानकारी भी प्राप्त की। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत आयोजित इस शैक्षिक भ्रमण में कक्षा छह से आठ तक के करीब 100 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन कुलपति प्रो. अजय सिंह और कुलसचिव दीपक वर्मा की अनुमति तथा खंड शिक्षा अधिकारी नवाब वर्मा के निर्देशन में किया गया। विश्वविद्यालय पहुंचने पर छात्रों को अस्पताल के विभिन्न विभागों का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्हें एनाटॉमी विभाग सहित कई प्रमुख इकाइयों की जानकारी दी गई। प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी के.वी. अग्रवाल, सीनियर मेडिकल सोशल सर्विस ऑफिसर मनोज कुमार मौर्य और रिसेप्शनिस्ट सौरव ने बच्चों को अस्पताल की व्यवस्था और चिकित्सा सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। भ्रमण के दौरान छात्रों ने अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और एमआरआई जैसे आधुनिक चिकित्सा उपकरणों को देखा और उनके उपयोग के बारे में जानकारी हासिल की। इसके अलावा पंजीकरण काउंटर, दवा वितरण केंद्र, ओपीडी, ट्रामा सेंटर और इमरजेंसी वार्ड की कार्यप्रणाली को भी समझा। डॉक्टरों के लेक्चर रूम में बैठकर बच्चों को दवाओं के उपयोग, उपचार की प्रक्रिया और मरीजों की देखभाल से जुड़ी जानकारी भी दी गई।
भ्रमण के अंत में कुलपति प्रो. अजय सिंह, कुल सचिव दीपक वर्मा और प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी के.वी. अग्रवाल ने बच्चों से संवाद किया और उनसे सवाल पूछकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। साथ ही आपात स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और प्राथमिक उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की।
इससे पहले ब्लॉक संसाधन केंद्र सैफई से खंड शिक्षा अधिकारी नवाब वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर बस के माध्यम से बच्चों को विश्वविद्यालय के लिए रवाना किया। पूरे भ्रमण के दौरान शिक्षक और शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी बच्चों के साथ मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. इंदु चतुर्वेदी, अरुण यादव, प्रद्युम्न कुमार, अनुपम कौशल, अमित, अखिलेश, कल्पना, रचना, अनीशा, वंदना, जेपी यादव और रोहित सहित कई शिक्षकों व कर्मचारियों का सहयोग रहा।


