जमशेदपुर: टाटा स्टील ने जमशेदपुर फुटबॉल क्लब का मालिकाना हक चर्चिल ब्रदर्स को सौंप दिया है. टाटा स्टील के वीपीसीएस डीबी सुंदररामम ने इसकी जानकारी दी है. बिस्टुपुर स्थित जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मीडिया से बातचीत के दौरान टाटा स्टील के वीपीसीएस ने बताया कि जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (जेएफएसपीएल) ने अपनी सौ प्रतिशत हिस्सेदारी गोवा के प्रसिद्ध फुटबॉल क्लब चर्चिल ब्रदर्स को 100 रुपये के नॉमिनल मूल्य पर स्थानांतरित किया है.
आपको बता दें की JFC को बंद किए जाने के बाद जमशेदपुर में फुटबॉल प्रेमियों ने इसका जमकर विरोध किया था. इस मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने टाटा स्टील प्रबंधन से वार्ता करने की बात कही थी, लेकिन टाटा स्टील का निर्णय नहीं बदला.
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के दिशा-निर्देशों के तहत हुए इस समझौते में क्लब का इंडियन सुपर लीग आईएसएल लाइसेंस, 12 सीनियर खिलाड़ी और दो कोच शामिल हैं. चर्चिल ब्रदर्स सितंबर 2026 से खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का अनुबंध संभालेगा, जिससे आईएसएल में उनका करियर निर्बाध रूप से जारी रहेगा.
उन्होंने बताया की वित्तीय वर्ष 2025-26 में जेएफएसपीएल का कुल कारोबार 32.23 करोड़ रुपये रहा था. टाटा स्टील के निदेशक मंडल द्वारा गठित समिति ने कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी इकाई के 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 4.08 करोड़ इक्विटी शेयरों के हस्तांतरण को मंजूरी दे दी है.
टाटा स्टील के वीपीसीएस डीबी सुंदररामम ने बताया कि इस हस्तांतरण का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों और कोच के खेल करियर की निरंतरता बनाए रखना है, ताकि वे आगामी सत्र में भी खेल सकें. उन्होंने बताया कि टाटा स्टील अब जमीनी स्तर युवा फुटबॉल के विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करेगी. उन्होंने घोषणा की कि टाटा फुटबॉल अकादमी TFA के तहत जल्द ही एक महिला फुटबॉल अकादमी शुरू की जाएगी. इस अकादमी के माध्यम से झारखंड और ओडिशा के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से महिला फुटबॉल प्रतिभाओं की तलाश कर उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा.
आपको बता दें कि 1987 में स्थापित टाटा फुटबॉल अकादमी अब तक 300 से अधिक कैडेट्स को प्रशिक्षित कर चुकी है, जिनमें से 150 खिलाड़ियों ने भारतीय राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है.


