मुंबई: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं. मजबूत लोन ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और ब्याज आय में बढ़ोतरी के दम पर बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.23 प्रतिशत बढ़कर ₹21,121 करोड़ पर पहुंच गया है. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक को ₹19,160 करोड़ का मुनाफा हुआ था.
तिमाही दर तिमाही (QoQ) आधार पर भी बैंक का प्रदर्शन बेहतरीन रहा. मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही के ₹19,684 करोड़ के मुकाबले इस तिमाही में बैंक के मुनाफे में 7.30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.
ब्याज आय और परिचालन लाभ में उछाल
बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII)—जो कि बैंक द्वारा कमाए गए ब्याज और चुकाए गए ब्याज का अंतर होती है—सालाना आधार पर 14.88 प्रतिशत बढ़कर ₹46,992 करोड़ हो गई. पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा ₹40,907 करोड़ था. इस दौरान बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (परिचालन लाभ) भी 9.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹33,529 करोड़ पर पहुंच गया. घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में तिमाही आधार पर 7 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ है और यह 3 प्रतिशत पर आ गया है.
लोन और डिपॉजिट में ऐतिहासिक वृद्धि
एसबीआई का कुल बिजनेस इस तिमाही में ₹110 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है.
कुल लोन: सालाना आधार पर 18.63% बढ़कर ₹50.47 लाख करोड़ हो गया. इसमें कॉर्पोरेट लोन में 18.05% और रिटेल, एग्रीकल्चर व MSME (RAM) सेगमेंट में 18.20% की शानदार ग्रोथ देखी गई. कृषि लोन सबसे तेजी से 25.43% बढ़ा.
कुल डिपॉजिट: सालाना आधार पर 9.73% की बढ़ोतरी के साथ ₹60.06 लाख करोड़ के पार पहुंच गया. बैंक का कासा (CASA) रेशियो 39.24 प्रतिशत रहा.
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार (कम हुआ NPA)
बैंक के फंसे हुए कर्ज यानी एनपीए (NPA) में भारी गिरावट आई है, जिससे बैंक की वित्तीय सेहत और मजबूत हुई है:
- ग्रॉस एनपीए: 36 बेसिस पॉइंट सुधरकर 1.47 प्रतिशत पर आ गया (पिछले साल यह 1.83% था).
- नेट एनपीए: 9 बेसिस पॉइंट के सुधार के साथ मात्र 0.38 प्रतिशत रह गया (पिछले साल यह 0.47% था).
डिजिटल बैंकिंग में योनो (YONO) का दबदबा
एसबीआई के डिजिटल बदलाव की रफ्तार भी तेज रही. तिमाही के दौरान 64 प्रतिशत से अधिक नए बचत खाते डिजिटल रूप से ‘YONO’ ऐप के माध्यम से खोले गए. इसके अलावा, बैंक के कुल लेनदेन का लगभग 98.8 प्रतिशत हिस्सा अल्टरनेटिव और डिजिटल चैनलों के जरिए पूरा हुआ. इन बेहतरीन नतीजों के बाद शेयर बाजार में एसबीआई के शेयरों में भी भारी उत्साह देखा गया.


